Monthly Archives: August 2008

आकर्षण-मन्त्र(Attraction-mantra)

सर्व-जन-आकर्षण-मन्त्र
१॰ “ॐ नमो आदि-रुपाय अमुकस्य आकर्षणं कुरु कुरु स्वाहा।”
विधि- १ लाख जप से उक्त मन्त्र सिद्ध होता है। ‘अमुकस्य’ के स्थान पर साध्य या साध्या का नाम जोड़े। “आकर्षण’” का अर्थ विशाल दृष्टि से लिया जाना चाहिए। सूझ-बूझ से उक्त मन्त्र का उपयोग करना चाहिए। मान्त्र-सिद्धि के बाद प्रयोग करना चाहिए। प्रयोग के समय अनामिका [...]

अक्षय-धन-प्राप्ति मन्त्र

अक्षय-धन-प्राप्ति मन्त्र
प्रार्थना
हे मां लक्ष्मी, शरण हम तुम्हारी।
पूरण करो अब माता कामना हमारी।।
धन की अधिष्ठात्री, जीवन-सुख-दात्री।
सुनो-सुनो अम्बे सत्-गुरु की पुकार।
शम्भु की पुकार, मां कामाक्षा की पुकार।।
तुम्हें विष्णु की आन, अब मत करो मान।
आशा लगाकर अम देते हैं दीप-दान।।
मन्त्र- “ॐ नमः विष्णु-प्रियायै, ॐ नमः कामाक्षायै। ह्रीं ह्रीं ह्रीं क्रीं क्रीं क्रीं श्रीं श्रीं श्रीं फट् स्वाहा।”
विधि- ‘दीपावली’ [...]

सर्व-कार्य-सिद्धि जञ्जीरा मन्त्र

सर्व-कार्य-सिद्धि जञ्जीरा मन्त्र
“या उस्ताद बैठो पास, काम आवै रास। ला इलाही लिल्ला हजरत वीर कौशल्या वीर, आज मज रे जालिम शुभ करम दिन करै जञ्जीर। जञ्जीर से कौन-कौन चले? बावन वीर चलें, छप्पन कलवा चलें। चौंसठ योगिनी चलें, नब्बे नारसिंह चलें। देव चलें, दानव चलें। पाँचों त्रिशेम चलें, लांगुरिया सलार चलें। भीम की गदा चले, [...]

इच्छित कार्य में सफलता-दायक शाबर मन्त्र

इच्छित कार्य में सफलता-दायक शाबर मन्त्र
“ॐ कामरू, कामाक्षा देवी, जहाँ बसे लक्ष्मी महारानी। आवे, घर में जमकर बैठे। सिद्ध होय, मेरा काज सुधारे। जो चाहूँ, सो होय। ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रीं फट्।”
विधि- उक्त मन्त्र का जप रात्रि-काल में करें। ग्यारह दिनों के जप के पश्चात् ११ नारियलों का हवन करे। इच्छित कार्य में सफलता मिलती [...]

सुख-शान्ति

सुख-शान्ति
१॰ कामाक्षा-मन्त्र
“ॐ नमः कामाक्षायै ह्रीं क्रीं श्रीं फट् स्वाहा।”
विधि- उक्त मन्त्र का किसी दिन १०८ बार जप कर, ११ बार हवन करें। फिर नित्य एक बार जप करें। इससे सभी प्रकार की सुख-शान्ति होगी।

रोग-मुक्ति या आरोग्य-प्राप्ति मन्त्र

रोग-मुक्ति या आरोग्य-प्राप्ति मन्त्र
“मां भयात् सर्वतो रक्ष, श्रियं वर्धय सर्वदा। शरीरारोग्यं मे देहि, देव-देव नमोऽस्तु ते।।”
विधि- ‘दीपावली’ की रात्री या ‘ग्रहण’ के समय उक्त मन्त्र का जितना हो सके, उतना जप करे। कम से कम १० माला जप करे। बाद में एक बर्तन में स्वच्छ जल भरे। जल के ऊपर हाथ रखकर उक्त मन्त्र का [...]

विरह-ज्वर-विनाशकं ब्रह्म-शक्ति स्तोत्रम्

“सिद्ध वशीकरण मन्त्र” पोस्ट पर एक सज्जन की टिप्पणी प्राप्त हुई, pandit ji main , apni problem ka hal chahta hun . mera ek ladki ke saath affir tha , lekin kisi vaje se tut gaya maine use manane ki bahut koshish ki lekin wo mani nai . main us se pyaar karta hun aur [...]

देव-बाधा-शान्ति-मन्त्र

देव-बाधा-शान्ति-मन्त्र
“ॐ सर्वेश्वराय हुम्।”
विधि- सोमवार से प्रारम्भ कर नौ दिन तक उक्त मन्त्र का ३ माला जप करें। बाद में घृत और काले तिल से आहुति दे। इससे दैवी बाधाएँ दूर होती है और सुख-शान्ति प्राप्ति होती है।

ग्रह-बाधा-शान्ति मन्त्र

ग्रह-बाधा-शान्ति मन्त्र
“ॐ ऐं ह्रीं क्लीं दह दह।”
विधि- सोम-प्रदोष से ७ दिन तक, माल-पुआ व कस्तुरी से उक्त मन्त्र से १०८ आहुतियाँ दें। इससे सभी प्रकार की ग्रह-बाधाएँ नष्ट होती है।

सिद्ध वशीकरण मन्त्र

सिद्ध वशीकरण मन्त्र
१॰ “बारा राखौ, बरैनी, मूँह म राखौं कालिका। चण्डी म राखौं मोहिनी, भुजा म राखौं जोहनी। आगू म राखौं सिलेमान, पाछे म राखौं जमादार। जाँघे म राखौं लोहा के झार, पिण्डरी म राखौं सोखन वीर। उल्टन काया, पुल्टन वीर, हाँक देत हनुमन्ता छुटे। राजा राम के परे दोहाई, हनुमान के पीड़ा चौकी। कीर [...]