October 30, 2008 – 1:15 pm
श्री भैरव मन्त्र
“ॐ गुरुजी काला भैरुँ कपिला केश, काना मदरा, भगवाँ भेस। मार-मार काली-पुत्र। बारह कोस की मार, भूताँ हात कलेजी खूँहा गेडिया। जहाँ जाऊँ भैरुँ साथ। बारह कोस की रिद्धि ल्यावो। चौबीस कोस की सिद्धि ल्यावो। सूती होय, तो जगाय ल्यावो। बैठा होय, तो उठाय ल्यावो। अनन्त केसर की भारी ल्यावो। गौरा-पार्वती की विछिया [...]
October 22, 2008 – 8:50 pm
३॰ दृष्टि द्वारा मोहन करने का मन्त्र
“ॐ नमो भगवति, पुर-पुर वेशनि, सर्व-जगत-भयंकरि ह्रीं ह्रैं, ॐ रां रां रां क्लीं वालौ सः चव काम-बाण, सर्व-श्री समस्त नर-नारीणां मम वश्यं आनय आनय स्वाहा।”
विधिः- किसी भी सिद्ध योग में उक्त मन्त्र का १०००० जप करे। बाद में साधक अपने मुहँ पर हाथ फेरते हुए उक्त मन्त्र को १५ [...]
October 22, 2008 – 8:44 pm
श्री कामदेव का मन्त्र
(मोहन करने का अमोघ शस्त्र)
“ॐ नमो भगवते काम-देवाय श्रीं सर्व-जन-प्रियाय सर्व-जन-सम्मोहनाय ज्वल-ज्वल, प्रज्वल-प्रज्वल, हन-हन, वद-वद, तप-तप, सम्मोहय-सम्मोहय, सर्व-जनं मे वशं कुरु-कुरु स्वाहा।”
विधीः- उक्त मन्त्र का २१,००० जप करने से मन्त्र सिद्ध होता है। तद्दशांश हवन-तर्पण-मार्जन-ब्रह्मभोज करे। बाद में नित्य कम-से-कम एक माला जप करे। इससे मन्त्र में चैतन्यता होगी और शुभ परिणाम [...]
October 22, 2008 – 8:41 pm
सिद्ध मोहन मन्त्र
क॰ “ॐ अं आं इं ईं उं ऊं हूँ फट्।”
विधिः- ताम्बूल को उक्त मन्त्र से अभिमन्त्रित कर साध्या को खिलाने से उसे खिलानेवाले के ऊपर मोह उत्पन्न होता है।
ख॰ “ॐ नमो भगवती पाद-पङ्कज परागेभ्यः।”
ग॰ “ॐ भीं क्षां भीं मोहय मोहय।”
विधिः- किसी पर्व काल में १२५ माला अथवा १२,५०० बार मन्त्र का जप कर [...]
October 21, 2008 – 10:23 pm
वशीकरण, सम्मोहन व आकर्षण हेतु “उर्वशी-यन्त्र” साधना
इस यन्त्र को चमेली की लकड़ी की कलम से, भोजपत्र पर कुंकुम या कस्तुरी की स्याही से निर्माण करे।इस यन्त्र की साधना पूर्णिमा की रात्री से करें। रात्री में स्नानादि से पवित्र होकर एकान्त कमरे में आम की लकड़ी के पट्टे पर सफेद वस्त्र बिछावें, स्वयं भी सफेद वस्त्र [...]
October 18, 2008 – 8:51 pm
लक्ष्मी-पूजन मन्त्र
“आवो लक्ष्मी बैठो आँगन, रोरी तिलक चढ़ाऊँ। गले में हार पहनाऊँ।। बचनों की बाँधी, आवो हमारे पास। पहला वचन श्रीराम का, दूजा वचन ब्रह्मा का, तीजा वचन महादेव का। वचन चूके, तो नर्क पड़े। सकल पञ्च में पाठ करुँ। वरदान नहीं देवे, तो महादेव शक्ति की आन।।”
विधिः- दीपावली की रात्रि को सर्व-प्रथम षोडशोपचार से [...]
October 18, 2008 – 8:48 pm
महा-लक्ष्मी मन्त्र
“राम-राम क्ता करे, चीनी मेरा नाम। सर्व-नगरी बस में करुँ, मोहूँ सारा गाँव।
राजा की बकरी करुँ, नगरी करुँ बिलाई। नीचा में ऊँचा करुँ, सिद्ध गोरखनाथ की दुहाई।।”
विधिः- जिस दिन गुरु-पुष्य योग हो, उस दिन से प्रतिदिन एकान्त में बैठ कर कमल-गट्टे की माला से उक्त मन्त्र को १०८ बार जपें। ४० दिनों में यह [...]
October 13, 2008 – 11:08 pm
काली-शाबर-मन्त्र
सम्मानीय पाठकों,
शाबर-मन्त्र के एक पाठक “श्री काली चरण कम्बोज” जो अब इस साइट के सहयोगी भी हैं, का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ, ने शाबर-मन्त्र के लिये “काली-शाबर-मन्त्र” भेजा है जो इस प्रकार है-
Kali Kali Maha kali, Inder ki beti Brahma ki sali
Piti bhar bhar rakt payali, ud baithi pipal ki dali
Dono hath bajai [...]
October 8, 2008 – 8:35 pm
गणेश शाबर मन्त्र (पाठान्तर सहित)
निम्नलिखित मन्त्र “श्री विक्रम जी” ने पाठकों की सुविधा के लिए, शोध के लिए भेजा है,
“GANAPAT VEER BHOOKHE MASAAN, JO PHAL MANGOO SO PHAL DET, GANAPAT DEKHE, GAJAPAT DAREY, GANAPAT KE CHHATR SE BADSHAH DAREY, MUKH DEKHE RAJA PRAJA DAREY, HAATA CHADHEY SINDOOR AULIYA GAURI KAA PUTRA, GOOGAL KHEY KAROONGA DHERI, [...]
October 5, 2008 – 5:31 pm
श्रीहनुमत्-मन्त्र-चमत्कार-अनुष्ठान
(प्रस्तुत विधान के प्रत्येक मन्त्र के ११००० ‘जप‘ एवं दशांश ‘हवन’ से सिद्धि होती है। हनुमान जी के मन्दिर में, ‘रुद्राक्ष’ की माला से, ब्रह्मचर्य-पूर्वक ‘जप करें। नमक न खाए तो उत्तम है। कठिन-से-कठिन कार्य इन मन्त्रों की सिद्धि से सुचारु रुप से होते हैं।)
१॰ ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय, वायु-सुताय, अञ्जनी-गर्भ-सम्भूताय, अखण्ड-ब्रह्मचर्य-व्रत-पालन-तत्पराय, धवली-कृत-जगत्-त्रितयाय, ज्वलदग्नि-सूर्य-कोटि-समप्रभाय, प्रकट-पराक्रमाय, [...]