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काली-शाबर-मन्त्र

काली-शाबर-मन्त्र
सम्मानीय पाठकों,
शाबर-मन्त्र के एक पाठक “श्री काली चरण कम्बोज” जो अब इस साइट के सहयोगी भी हैं, का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ, ने शाबर-मन्त्र के लिये “काली-शाबर-मन्त्र” भेजा है जो इस प्रकार है-
Kali Kali Maha kali, Inder ki beti Brahma ki sali
Piti bhar bhar rakt payali, ud baithi pipal ki dali
Dono hath bajai [...]

दुर्गा शाबर मन्त्र

दुर्गा शाबर मन्त्र
“ॐ ह्रीं श्रीं चामुण्डा सिंह वाहिनीं बीस हस्ती भगवती, रत्न मण्डित सोनन की माल। उत्तर पथ में आन बैठी, हाथ सिद्ध वाचा ऋद्धि-सिद्धि। धन-धान्य देहि देहि, कुरू कुरू स्वाहा।”
उक्त मन्त्र का सवा लाख जप कर सिद्ध कर लें। फिर आवश्यकतानुसार श्रद्धा से एक माला जप करने से सभी कार्य सिद्ध होते हैं। लक्ष्मी [...]

कार्य-सिद्धि हेतु गणेश शाबर मन्त्र

कार्य-सिद्धि हेतु गणेश शाबर मन्त्र
“ॐ गनपत वीर, भूखे मसान, जो फल माँगूँ, सो फल आन। गनपत देखे, गनपत के छत्र से बादशाह डरे। राजा के मुख से प्रजा डरे, हाथा चढ़े सिन्दूर। औलिया गौरी का पूत गनेश, गुग्गुल की धरुँ ढेरी, रिद्धि-सिद्धि गनपत धनेरी। जय गिरनार-पति। ॐ नमो स्वाहा।”
विधि-
सामग्रीः- धूप या गुग्गुल, दीपक, घी, सिन्दूर, [...]

ज्योतिष और शाबर

ज्योतिष और शाबर
साधना-काल में जन्म-लग्न-चक्र के अनुसार ग्रहों की अनुकूलता जानना आवश्यक है। साधना भी एक प्रकार का कर्म है, अतः ‘दशम भाव’ उसकी सफलता या असफलता का सूचक है। साधना की प्रकृत्ति तथा सफलता हेतु पँचम, नवम तथा दशम भाव का अवलोकन उचित रहेगा। 
१॰ नवम स्थान में शनि हो तो साधक शाबर मन्त्र में [...]

शाबर मन्त्र का अद्भुत चमत्कार

सर्व-कार्य-सिद्धि हेतु शाबर मन्त्र
“काली घाटे काली माँ, पतित-पावनी काली माँ, जवा फूले-स्थुरी जले। सई जवा फूल में सीआ बेड़ाए। देवीर अनुर्बले। एहि होत करिवजा होइबे। ताही काली धर्मेर। बले काहार आज्ञे राठे। कालिका चण्डीर आसे।”
विधिः- उक्त मन्त्र भगवती कालिका का बँगला भाषा में शाबर मन्त्र है। इस मन्त्र को तीन बार ‘जप’ कर दाएँ हाथ [...]

शाबर मन्त्र विज्ञान

शाबर मन्त्रों का आशयः-
स्व॰ वामन शिवराम आप्टे ने सन् १९४२ ई॰ में अपने ‘संस्कृत-कोष’ में ‘शाबर’ शब्द की व्युत्पत्ति इस प्रकार दी है;
‘शब (व)-र-अण्-शाबरः, शावरः, शाबरी।’
अर्थ में ‘जंगली जाति’ या ‘पर्वतीय’ लोगों द्वारा बोली जानीवाली ‘भाषा’ बताया गया है। वह एक प्रकार का मन्त्र भी है, इसका वहँ कोई उल्लेख नहीं है।
गोस्वामी तुलसीदास जी ने [...]

“शाबर मन्त्र साधना” के तथ्य

“शाबर मन्त्र साधना” के तथ्य
१॰ इस साधना को किसी भी जाति, वर्ण, आयु का पुरुष या स्त्री कर सकती है।
२॰ इन मन्त्रों की साधना में गुरु की इतनी आवश्यकता नहीं रहती, क्योंकि इनके प्रवर्तक स्वयं सिद्ध साधक रहे हैं। इतने पर भी कोई निष्ठावान् साधक गुरु बन जाए, तो कोई आपत्ति नहीं क्योंकि किसी होनेवाले [...]