Tag Archives: 35अक्षरी

पैंतीस अक्षरी मन्त्र

।। ॐ एक ओंकार श्रीसत्-गुरू प्रसाद ॐ।।
ओंकार सर्व-प्रकाषी। आतम शुद्ध करे अविनाशी।।
ईश जीव में भेद न मानो। साद चोर सब ब्रह्म पिछानो।।
हस्ती चींटी तृण लो आदम। एक अखण्डत बसे अनादम्।।
ॐ आ ई सा हा
कारण करण अकर्ता कहिए। भान प्रकाश जगत ज्यूँ लहिए।।
खानपान कछु रूप न रेखं। विर्विकार अद्वैत अभेखम्।।
गीत गाम सब देश देशन्तर। सत करतार [...]